तू हँसती रही गैरों के साथ,और हम तुझे याद करके रोते रहे रातों रात।
और एक तू तन्हा मुसाफिर की तरह अकेले छोड़ जाते हैं!
आँखों में तेरा ख्वाब बसाने का इरादा है,
दिल कहता है कि ये तजुर्बा दोबारा कर लूं
तेरी बेवफ़ाई का अफ़सोस तो रहेगा उम्र भर,मगर अब तुझसे कोई शिकायत भी नहीं।
बीते हुवे कल की यही कहानी है,कुछ खुद बर्बाद हुवे तो कुछ उनकी मेहरबानी है !!
राहें गलत नहीं होती हम गलत चुन लेते हैं।
️ मुद्दतो बैठे रहे हम तेरे एहसास के साथ,
मैंने दबी HINDI SHAYARI आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो?
तू आज भी दिल में है, ये और बात है,मगर अब तुझसे मिलने की कोई चाहत नहीं। ️
तेरी मोहब्बत का ये कितना खुबसूरत एहसास है,
इश्क किया तुमसे जो जाना की इश्क में कितना सुकून है!
ये चांद की मोहब्बत थी जो पाकीज़ा बनकर धरती पर उतरी थी